ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम क्या होता है?
(What Is an On-Grid Solar System – Complete Guide)
आज के समय में बढ़ते बिजली बिल और स्वच्छ ऊर्जा की ज़रूरत ने On-Grid Solar System को भारत में सबसे लोकप्रिय सोलर समाधान बना दिया है। खासकर PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के बाद घरों और व्यवसायों में इसकी माँग तेज़ी से बढ़ी है।
Laxmi Engitech Pvt. Ltd. (LEPL Solar Energy Solutions) वर्षों से ग्राहकों को भरोसेमंद, किफायती और सरकारी मानकों के अनुसार ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम उपलब्ध करा रही है।
On-Grid Solar System क्या होता है?
On-Grid Solar System वह सोलर पावर सिस्टम होता है जो सीधे Government Electricity Grid (DISCOM) से जुड़ा रहता है। इसमें बैटरी का उपयोग नहीं होता, बल्कि सोलर पैनल से बनी बिजली को सीधे घर या ऑफिस में इस्तेमाल किया जाता है।
अगर बिजली ज़्यादा बनती है, तो वह Net Metering के ज़रिये ग्रिड में भेज दी जाती है और उसका क्रेडिट आपके बिजली बिल में जुड़ जाता है।
On-Grid Solar System कैसे काम करता है?
ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम का वर्किंग प्रोसेस इस प्रकार है:
☀️ Solar Panels सूरज की रोशनी से DC बिजली बनाते हैं
🔄 Grid Tie Inverter DC को AC में बदलता है
⚡ बनी हुई बिजली सबसे पहले आपके घर/ऑफिस में उपयोग
होती है🔁 अतिरिक्त बिजली Net Meter के माध्यम से ग्रिड में चली जाती है
🌙 रात या कम धूप में बिजली ग्रिड से मिलती है
👉 इस प्रक्रिया से बिजली बिल में भारी कमी आती है।
On-Grid Solar System के मुख्य Components
1️⃣ Solar Panels
उच्च गुणवत्ता वाले Mono / Poly Panels
25 साल तक परफॉर्मेंस वारंटी
2️⃣ Grid-Tie Inverter
DC से AC में कन्वर्ज़न
ग्रिड के साथ पूरी तरह सिंक्रोनाइज़
3️⃣ Net Meter
Import & Export दोनों यूनिट्स रिकॉर्ड करता है
सही और पारदर्शी बिलिंग
4️⃣ AC/DC Distribution Box
MCB, SPD और Safety Devices
सिस्टम को सुरक्षित बनाता है
5️⃣ Electricity Grid
अतिरिक्त बिजली को स्टोर और डिस्ट्रिब्यूट करता है
Net Metering क्या है?
Net Metering एक सरकारी सुविधा है जिसमें:
Grid से ली गई बिजली (Import)
Grid में भेजी गई बिजली (Export)
दोनों का अंतर ही आपका फाइनल बिजली बिल बनता है
👉 कई मामलों में बिल ₹0 तक आ सकता है।
On-Grid Solar System के फायदे
✅ बिजली बिल में 70–90% तक बचत
✅ PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत सरकारी सब्सिडी
✅ बैटरी नहीं – कम मेंटेनेंस
✅ पर्यावरण के लिए 100% सुरक्षित
✅ 25+ साल की सिस्टम लाइफ़
✅ प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ती है
On-Grid Solar System के नुकसान
❌ बिजली कटौती के समय सप्लाई नहीं मिलती
❌ ग्रिड कनेक्शन अनिवार्य
❌ बैटरी बैकअप उपलब्ध नहीं
⚠️ सेफ़्टी कारणों से ग्रिड बंद होने पर इन्वर्टर भी बंद हो जाता है।
On-Grid vs Off-Grid Solar System
| Feature | On-Grid | Off-Grid |
|---|---|---|
| Grid Connection | Yes | No |
| Battery | No | Yes |
| Cost | Low | High |
| Maintenance | Low | High |
| Power Cut Backup | No | Yes |
1kW On-Grid Solar System से कितनी बिजली बनती है?
रोज़ाना: 4–5 यूनिट
महीने में: 120–150 यूनिट
सालाना: 1400–1600 यूनिट
(स्थान, मौसम और धूप पर निर्भर करता है)
On-Grid Solar System किसके लिए Best है?
✔️ शहरी घर
✔️ दुकान और शोरूम
✔️ ऑफिस, स्कूल, हॉस्पिटल
✔️ फैक्ट्रियाँ और वेयरहाउस
Laxmi Engitech Pvt. Ltd. क्यों चुनें?
Laxmi Engitech Pvt. Ltd. (LEPL Solar Energy Solutions) आपको प्रदान करता है:
🔹 MNRE Approved Systems
🔹 PM Surya Ghar Subsidy Support
🔹 Site Survey से Commissioning तक Complete Service
🔹 Experienced Technical Team
🔹 After-Sales Support
निष्कर्ष (Conclusion)
अगर आप बिजली बिल से राहत चाहते हैं और सरकार की सोलर सब्सिडी का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो On-Grid Solar System सबसे बेहतरीन समाधान है।
Laxmi Engitech Pvt. Ltd. के साथ सोलर अपनाइए और स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा की ओर कदम बढ़ाइए।
📞 Contact Laxmi Engitech Pvt. Ltd.
LEPL Solar Energy Solutions
📱 Phone: +91 92637 83032/ +918789494691
🌐 Website: www.laxmiengitech.com
📍 Service Area: Bihar – All Districts Available
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