Wednesday, January 14, 2026

पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना///रूफटॉप सोलर सब्सिडी की पूरी जानकारी (2026)


पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना

रूफटॉप सोलर सब्सिडी की पूरी जानकारी (2025)

Laxmi Engitech Pvt. Ltd. – Solar Energy Solutions की ओर से उन सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह जानकारी प्रस्तुत की जा रही है, जो अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर (RTS) पैनल सिस्टम लगवाने की योजना बना रहे हैं।

रूफटॉप सोलर लगवाने से पहले पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत मिलने वाली सरकारी सब्सिडी संरचना को समझना बहुत आवश्यक है।

इस लेख में हम विस्तार से बताएंगे कि अगर आप
1 किलोवाट, 2 किलोवाट या 3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम लगवाते हैं, तो आपको कितनी सब्सिडी मिलेगी और उसकी गणना कैसे की जाती है

 विषय सूची

  1. 1 किलोवाट सोलर पैनल पर सब्सिडी (2025)

  2. 2 किलोवाट सोलर पैनल पर सब्सिडी

  3. 3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक सोलर पर सब्सिडी

  4. अलग-अलग क्षमता के लिए सब्सिडी की गणना

  5. पीएम सूर्य घर सब्सिडी तालिका

  6. अंतिम निष्कर्ष

1 किलोवाट सोलर पैनल पर सब्सिडी (2025)

केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि आप अपने घर की छत पर 1 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाते हैं, तो आपको 60% तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है।

🔹 वर्तमान बेंचमार्क के अनुसार:

  • 1 किलोवाट सोलर सिस्टम की अनुमानित लागत: ₹50,000

  • केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी: ₹30,000

अर्थात उपभोक्ता को केवल ₹20,000 का ही खर्च वहन करना होता है।

 2 किलोवाट सोलर पैनल पर सब्सिडी

यदि आप 2 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाते हैं, तो इस पर भी 60% सब्सिडी लागू होती है।

🔹 विवरण:

  • कुल अनुमानित लागत: ₹1,00,000

  • सरकारी सब्सिडी: ₹60,000

  • उपभोक्ता का योगदान: ₹40,000

इस प्रकार 2 किलोवाट सोलर सिस्टम पर आपको दोगुना सब्सिडी लाभ मिलता है।

3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक सोलर सिस्टम पर सब्सिडी

3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सोलर सिस्टम के लिए सरकार ने निश्चित (Fixed) सब्सिडी निर्धारित की है।

🔹 सब्सिडी संरचना:

  • 3 किलोवाट सोलर सिस्टम पर सब्सिडी: ₹78,000 (लगभग 54%)

  • 3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक:
    👉 सब्सिडी ₹78,000 (निश्चित) ही रहेगी

चाहे आप 4 kW, 5 kW या 10 kW का सोलर सिस्टम लगवाएं, केंद्र सरकार की सब्सिडी ₹78,000 से अधिक नहीं होगी

 अलग-अलग क्षमता के लिए सब्सिडी की गणना कैसे करें?

कई बार सोलर पैनल की क्षमता पूरे 1 या 3 किलोवाट में नहीं होती।
उदाहरण के लिए:

  • सोलर पैनल क्षमता: 550 वाट

  • कुल सिस्टम क्षमता: 2.75 किलोवाट

ऐसे मामलों में सब्सिडी अनुपात (Pro-Rata Basis) में दी जाती है।

🔹 गणना का सूत्र:

सब्सिडी = (78,000 × स्थापित क्षमता) ÷ 3

🔹 उदाहरण:

78,000 × 2.75 ÷ 3 = ₹71,500 (लगभग)

अर्थात 2.75 किलोवाट सोलर सिस्टम पर लगभग ₹71,500 की सब्सिडी मिलेगी।

 पीएम सूर्य घर सब्सिडी तालिका (2025)

सोलर सिस्टम क्षमतासब्सिडी राशि
1 किलोवाट₹30,000
2 किलोवाट₹60,000
3 से 10 किलोवाट₹78,000 (निश्चित)

महत्वपूर्ण जानकारी

✔ सब्सिडी राशि वर्तमान सरकारी बेंचमार्क पर आधारित है
✔ भविष्य में बेंचमार्क बदलने पर सब्सिडी राशि में बदलाव संभव है
✔ यह सब्सिडी केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है
❌ व्यावसायिक / औद्योगिक उपयोग के लिए यह योजना लागू नहीं है

 अंतिम निष्कर्ष

पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाकर आप:

  • अपने बिजली बिल को लगभग शून्य कर सकते हैं

  • केंद्र सरकार से ₹78,000 तक की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं

  • स्वच्छ और हरित ऊर्जा को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं

Laxmi Engitech Pvt. Ltd. आपके लिए साइट सर्वे, सरकारी रजिस्ट्रेशन, सब्सिडी प्रक्रिया और सोलर इंस्टॉलेशन की पूरी सुविधा उपलब्ध कराता है।

📞 संपर्क करें – Laxmi Engitech Pvt. Ltd.

Solar Energy Solutions
📱 मोबाइल: +91 92637 83032
🌐 वेबसाइट: www.laxmiengitech.com
📍 सेवा क्षेत्र: बिहार – सभी ज़िलों में उपलब्ध


क्या होता है हाइब्रिड सोलर सिस्टम (What Is Hybrid Solar System)

 

हाइब्रिड सोलर सिस्टम क्या होता है?

(What Is a Hybrid Solar System – Complete Explanation for Blogging)

आज के समय में जहाँ बिजली कटौती भी होती है और बिजली बिल भी ज़्यादा आता है, वहाँ Hybrid Solar System सबसे स्मार्ट और भरोसेमंद समाधान माना जाता है। यह सिस्टम On-Grid और Off-Grid दोनों का मिश्रण होता है, जिससे आपको बिल में बचत + बैकअप दोनों का फायदा मिलता है।

हाइब्रिड सोलर सिस्टम की परिभाषा

Hybrid Solar System वह सोलर पावर सिस्टम होता है जो
Electricity Grid से जुड़ा रहता है
Battery Backup भी देता है

यानी यह सिस्टम सोलर + बैटरी + ग्रिड – तीनों पर एक साथ काम करता है।

हाइब्रिड सोलर सिस्टम कैसे काम करता है?

Hybrid Solar System का वर्किंग प्रोसेस इस प्रकार है:

  1. Solar Panels सूरज की रोशनी से DC बिजली बनाते हैं

  2. Hybrid Inverter DC को AC में बदलता है

  3.  सबसे पहले बिजली आपके घर/ऑफिस में इस्तेमाल होती है

  4. अतिरिक्त बिजली Battery में स्टोर होती है

  5. Battery पूरी चार्ज होने पर बिजली Grid में Export हो जाती है

  6. रात या बिजली कटौती में Battery Backup से सप्लाई मिलती है

  7. Battery खत्म होने पर बिजली Grid से ली जाती है

 इस तरह बिजली कभी बंद नहीं होती।

हाइब्रिड सोलर सिस्टम के मुख्य Components

1️⃣ Solar Panels

  • Mono / Poly Crystalline Panels

  • 25 साल तक की परफॉर्मेंस लाइफ़

2️⃣ Hybrid Inverter

  • Solar, Battery और Grid तीनों को मैनेज करता है

  • Smart Energy Management System

3️⃣ Battery Bank

  • Lithium-ion / Lead Acid

  • Power Cut में बैकअप देता है

4️⃣ Net Meter

  • Export और Import यूनिट्स का रिकॉर्ड

  • बिजली बिल में एडजस्टमेंट

5️⃣ AC/DC Distribution Box

  • MCB, SPD और Safety Devices

Net Metering हाइब्रिड सिस्टम में कैसे काम करती है?

Hybrid Solar System में Net Metering वैकल्पिक (Optional) होती है:

  • पहले बिजली घर में उपयोग

  • फिर बैटरी चार्ज

  • उसके बाद बची बिजली ग्रिड में Export

इससे बिजली बिल काफ़ी कम हो जाता है।

हाइब्रिड सोलर सिस्टम के फायदे

बिजली बिल में 70–90% तक बचत
 Power Cut में बैटरी बैकअप
 Grid + Battery दोनों का फायदा
 Smart Energy Management
 लंबे समय तक भरोसेमंद सप्लाई
 Residential और Commercial दोनों के लिए उपयुक्त

हाइब्रिड सोलर सिस्टम के नुकसान

❌ लागत On-Grid से ज़्यादा
❌ Battery की समय-समय पर मेंटेनेंस
❌ शुरुआती इन्वेस्टमेंट थोड़ा ज़्यादा

On-Grid, Off-Grid और Hybrid Solar System में अंतर

FeatureOn-GridOff-GridHybrid
Grid ConnectionYesNoYes
BatteryNoYesYes
Power Cut BackupNoYesYes
CostLowHighMedium–High
Net MeteringYesNoOptional

1kW Hybrid Solar System से कितनी बिजली बनती है?

  • रोज़ाना: 4–5 यूनिट

  • महीने में: 120–150 यूनिट

  • बैकअप समय: Battery Capacity पर निर्भर

हाइब्रिड सोलर सिस्टम किसके लिए सबसे बेहतर है?
✔️ जहाँ बिजली कटौती होती है

✔️ घर और छोटे ऑफिस
✔️ दुकान, क्लिनिक, स्कूल
✔️ Rural और Semi-Urban Areas

निष्कर्ष (Conclusion)

अगर आप चाहते हैं कि
🔹 बिजली बिल भी कम हो
🔹 और बिजली कभी बंद न हो

तो Hybrid Solar System आपके लिए सबसे सही विकल्प है। यह सिस्टम भविष्य की ऊर्जा ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया एक स्मार्ट समाधान है।



क्या होता है हाइब्रिड सोलर सिस्टम (What Is Hybrid Solar System) PM Surya Ghar Yojana

 


PM Surya Ghar Yojana में

Hybrid Solar System लगाने पर क्या Benefit मिलेगा?

बहुत से लोगों के मन में सवाल होता है👇
“PM Surya Ghar Yojana में Hybrid Solar System लगवाने पर क्या सब्सिडी मिलेगी?”

तो जवाब है 👉 हाँ, लेकिन सीमित हिस्से पर
आइए आसान भाषा में समझते हैं।


PM Surya Ghar Yojana क्या है? (Short Recap)

PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana भारत सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य:

✅ घरों की छत पर सोलर लगाना
✅ बिजली बिल को ₹0 तक लाना
✅ Grid-connected solar को बढ़ावा देना

👉 यह योजना मुख्य रूप से ON-GRID सिस्टम के लिए बनाई गई है

Hybrid Solar System में PM Surya Ghar Yojana कैसे लागू होगी?

सबसे ज़रूरी बात (Truth Point)
Hybrid Solar System में बैटरी वाले हिस्से पर सब्सिडी नहीं मिलती

लेकिन 👇

Solar Panel + Grid Connected Portion पर सब्सिडी मिल सकती है

Hybrid System में Subsidy किस पर मिलेगी?

ComponentSubsidy Status
Solar Panels✅ YES
Grid-Connected Inverter (On-Grid Part)✅ YES
Net Metering✅ YES
Battery❌ NO
Battery Charger / Backup Part❌ NO

👉 यानी Hybrid System = On-Grid + Battery
सरकार On-Grid वाले हिस्से को ही मान्यता देती है


Example से समझिए (Important for Sales)

मान लीजिए 👇

आप लगवाते हैं:
3kW Hybrid Solar System

इसमें:

  • 3kW Solar Panels

  • Hybrid Inverter

  • Battery Backup

PM Surya Ghar Yojana के तहत:

  • 3kW On-Grid Equivalent माना जाएगा

  • Subsidy मिलेगी 👉 सिर्फ Solar + Grid Part पर

  • Battery की cost आपको खुद देनी होगी

PM Surya Ghar Yojana – Subsidy Structure (Hybrid में भी Same)

System SizeSubsidy Amount
Up to 2kW₹30,000 per kW
3kW (Max)₹78,000 (Maximum)

👉 Hybrid हो या On-Grid,
Maximum Subsidy ₹78,000 से ज़्यादा नहीं होती

Hybrid + PM Surya Ghar = Customer को क्या Extra Benefit?

✅ 1️⃣ बिजली बिल लगभग ₹0

  • दिन में सोलर + ग्रिड एक्सपोर्ट

  • Net Metering का पूरा फायदा

✅ 2️⃣ Power Cut में भी बिजली

  • Battery Backup से Fan, Light, TV, Wi-Fi चलता रहेगा

✅ 3️⃣ Double Advantage

  • On-Grid जैसा Saving

  • Off-Grid जैसा Backup

✅ 4️⃣ Future Ready System

  • आगे चलकर Battery upgrade possible

  • EV Charging, Load Increase में आसान

Hybrid System किसके लिए Best है (PM Surya Ghar के साथ)?

✔️ जहाँ बिजली कटौती होती है
✔️ Rural / Semi-Urban Areas
✔️ Doctors, Clinics, Shops
✔️ Home + Office Combined Use
✔️ जो bill saving + backup दोनों चाहते हैं

Important Note (Customer को जरूर बताएं)

⚠️ Government Portal पर application
👉 On-Grid Rooftop Solar के नाम से ही होती है

Hybrid system को technically
➡️ Grid-connected system with battery backup दिखाया जाता है

Short Answer (One-Line for Clients)

PM Surya Ghar Yojana में Hybrid Solar System लगाने पर Solar + Grid हिस्से पर Subsidy मिलती है, Battery पर नहीं।


ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम क्या होता है?


ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम क्या होता है?

(What Is an On-Grid Solar System – Complete Guide)

आज के समय में बढ़ते बिजली बिल और स्वच्छ ऊर्जा की ज़रूरत ने On-Grid Solar System को भारत में सबसे लोकप्रिय सोलर समाधान बना दिया है। खासकर PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के बाद घरों और व्यवसायों में इसकी माँग तेज़ी से बढ़ी है।

Laxmi Engitech Pvt. Ltd. (LEPL Solar Energy Solutions) वर्षों से ग्राहकों को भरोसेमंद, किफायती और सरकारी मानकों के अनुसार ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम उपलब्ध करा रही है।


On-Grid Solar System क्या होता है?

On-Grid Solar System वह सोलर पावर सिस्टम होता है जो सीधे Government Electricity Grid (DISCOM) से जुड़ा रहता है। इसमें बैटरी का उपयोग नहीं होता, बल्कि सोलर पैनल से बनी बिजली को सीधे घर या ऑफिस में इस्तेमाल किया जाता है।

अगर बिजली ज़्यादा बनती है, तो वह Net Metering के ज़रिये ग्रिड में भेज दी जाती है और उसका क्रेडिट आपके बिजली बिल में जुड़ जाता है।


On-Grid Solar System कैसे काम करता है?

ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम का वर्किंग प्रोसेस इस प्रकार है:

  1. ☀️ Solar Panels सूरज की रोशनी से DC बिजली बनाते हैं

  2. 🔄 Grid Tie Inverter DC को AC में बदलता है

  3. ⚡ बनी हुई बिजली सबसे पहले आपके घर/ऑफिस में उपयोग



    होती है

  4. 🔁 अतिरिक्त बिजली Net Meter के माध्यम से ग्रिड में चली जाती है

  5. 🌙 रात या कम धूप में बिजली ग्रिड से मिलती है

👉 इस प्रक्रिया से बिजली बिल में भारी कमी आती है।

On-Grid Solar System के मुख्य Components

1️⃣ Solar Panels

  • उच्च गुणवत्ता वाले Mono / Poly Panels

  • 25 साल तक परफॉर्मेंस वारंटी

2️⃣ Grid-Tie Inverter

  • DC से AC में कन्वर्ज़न

  • ग्रिड के साथ पूरी तरह सिंक्रोनाइज़

3️⃣ Net Meter

  • Import & Export दोनों यूनिट्स रिकॉर्ड करता है

  • सही और पारदर्शी बिलिंग

4️⃣ AC/DC Distribution Box

  • MCB, SPD और Safety Devices

  • सिस्टम को सुरक्षित बनाता है

5️⃣ Electricity Grid

  • अतिरिक्त बिजली को स्टोर और डिस्ट्रिब्यूट करता है


Net Metering क्या है?

Net Metering एक सरकारी सुविधा है जिसमें:

  • Grid से ली गई बिजली (Import)

  • Grid में भेजी गई बिजली (Export)

  • दोनों का अंतर ही आपका फाइनल बिजली बिल बनता है

👉 कई मामलों में बिल ₹0 तक आ सकता है।

On-Grid Solar System के फायदे

✅ बिजली बिल में 70–90% तक बचत
✅ PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत सरकारी सब्सिडी
✅ बैटरी नहीं – कम मेंटेनेंस
✅ पर्यावरण के लिए 100% सुरक्षित
✅ 25+ साल की सिस्टम लाइफ़
✅ प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ती है


On-Grid Solar System के नुकसान

❌ बिजली कटौती के समय सप्लाई नहीं मिलती
❌ ग्रिड कनेक्शन अनिवार्य
❌ बैटरी बैकअप उपलब्ध नहीं

⚠️ सेफ़्टी कारणों से ग्रिड बंद होने पर इन्वर्टर भी बंद हो जाता है।


On-Grid vs Off-Grid Solar System

FeatureOn-GridOff-Grid
Grid ConnectionYesNo
BatteryNoYes
CostLowHigh
MaintenanceLowHigh
Power Cut BackupNoYes

1kW On-Grid Solar System से कितनी बिजली बनती है?

  • रोज़ाना: 4–5 यूनिट

  • महीने में: 120–150 यूनिट

  • सालाना: 1400–1600 यूनिट

(स्थान, मौसम और धूप पर निर्भर करता है)

On-Grid Solar System किसके लिए Best है?

✔️ शहरी घर
✔️ दुकान और शोरूम
✔️ ऑफिस, स्कूल, हॉस्पिटल
✔️ फैक्ट्रियाँ और वेयरहाउस

Laxmi Engitech Pvt. Ltd. क्यों चुनें?

Laxmi Engitech Pvt. Ltd. (LEPL Solar Energy Solutions) आपको प्रदान करता है:

🔹 MNRE Approved Systems
🔹 PM Surya Ghar Subsidy Support
🔹 Site Survey से Commissioning तक Complete Service
🔹 Experienced Technical Team
🔹 After-Sales Support


निष्कर्ष (Conclusion)

अगर आप बिजली बिल से राहत चाहते हैं और सरकार की सोलर सब्सिडी का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो On-Grid Solar System सबसे बेहतरीन समाधान है

Laxmi Engitech Pvt. Ltd. के साथ सोलर अपनाइए और स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा की ओर कदम बढ़ाइए।

📞 Contact Laxmi Engitech Pvt. Ltd.

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📍 Service Area: Bihar – All Districts Available



Friday, November 21, 2025

सोलर पैनल से संबंधित सामान्य प्रश्न PM Surya Ghar Yojana

 




सोलर पैनल से संबंधित सामान्य प्रश्न

  •  

1. सोलर ऊर्जा क्या है?

उत्तर: सोलर ऊर्जा वह ऊर्जा है जो सूर्य की किरणों से प्राप्त की जाती है और सोलर पैनल के माध्यम से बिजली में बदली जाती है।

2. सोलर पैनल कैसे काम करते हैं?

उत्तर: सोलर पैनल सूर्य की रोशनी को अवशोषित करते हैं और उस ऊर्जा को विद्युत धारा में बदलने के लिए फोटोनिक सेल का उपयोग करते हैं।

3. सोलर पैनल लगाने के क्या फायदे हैं?

उत्तर: सोलर पैनल बिजली के बिल को कम करने, पर्यावरण की रक्षा करने और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करने के लाभ प्रदान करते हैं।

4. क्या सोलर पैनल मुझे पैसे बचाने में मदद करेंगे?

उत्तर: हाँ, सोलर पैनल बिजली के बिल को काफी कम करते हैं, जिससे लंबे समय में पैसे की बचत होती है।

5. सोलर पैनल लगाने की लागत क्या है?

उत्तर: सोलर पैनल की स्थापना की लागत प्रणाली के आकार, स्थान और पैनल के प्रकार के आधार पर ₹40,000 से ₹1,00,000 तक हो सकती है।

6. क्या सोलर पैनल स्थापना पर कोई सब्सिडी उपलब्ध है?

उत्तर: हाँ, भारत सरकार सोलर पैनल की स्थापना पर सब्सिडी देती है, खासकर ग्रामीण और आवासीय क्षेत्रों में। सब्सिडी की राशि क्षमता और स्थान पर निर्भर करती है।


7. पीएम-कुसुम योजना (PM Surya Ghar Yojana) के लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: आप प्रधानमंत्री कुसुम योजना के लिए मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं, जहां आपको दिशा-निर्देश, पात्रता और आवेदन पत्र मिलेंगे।

8. पीएम सूर्या घर योजना क्या है?

उत्तर: पीएम सूर्या घर योजना भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है और सोलर पैनल स्थापना के लिए सब्सिडी प्रदान करना है।

9. पीएम सूर्या घर योजना के तहत अधिकतम सब्सिडी कितनी मिलती है?

उत्तर: सब्सिडी सोलर सिस्टम की क्षमता और स्थान के आधार पर भिन्न होती है, सरकार स्थापना लागत पर 40% से लेकर 90% तक की सब्सिडी प्रदान करती है।

10. क्या शहरी क्षेत्रों में सोलर पैनल पर सब्सिडी मिलती है?

उत्तर: हाँ, शहरी क्षेत्रों में भी सब्सिडी मिलती है, लेकिन यह आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले कम होती है।

11. सोलर पैनल की क्षमता कितनी होती है?

उत्तर: सोलर पैनल की क्षमता आमतौर पर 15% से 22% के बीच होती है, जो पैनल के प्रकार और पर्यावरणीय कारकों पर निर्भर करती है।

12. सोलर पैनल कितना बिजली उत्पन्न कर सकते हैं?

उत्तर: एक सामान्य 1kW सोलर पैनल प्रणाली प्रति दिन 4-5 यूनिट बिजली उत्पन्न कर सकती है, जो सूरज की रोशनी की मात्रा पर निर्भर करता है।

13. सोलर पैनल के लिए कितनी जगह चाहिए?

उत्तर: एक 1kW सोलर प्रणाली के लिए लगभग 100 वर्ग फुट की छत की आवश्यकता होती है, लेकिन यह पैनल की क्षमता और डिजाइन पर निर्भर करता है।

14. सोलर पैनल कितने समय तक चलते हैं?

उत्तर: सोलर पैनल आमतौर पर 25-30 साल तक चलते हैं, लेकिन समय के साथ उनकी क्षमता में हल्की कमी हो सकती है।

15. क्या सोलर पैनल की रख-रखाव महंगी होती है?

उत्तर: नहीं, सोलर पैनल की रख-रखाव लागत बहुत कम होती है। इन्हें साल में एक या दो बार साफ करना होता है।

16. क्या सोलर पैनल बादल वाले दिनों या रात में भी काम करते हैं?

उत्तर: सोलर पैनल बादल वाले दिनों में कम बिजली उत्पन्न करते हैं, लेकिन वे कुछ ऊर्जा पैदा कर सकते हैं। रात के समय, अगर बैटरी स्टोरेज नहीं है, तो ये बिजली उत्पन्न नहीं कर सकते।

17. क्या मैं अपने घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कर सकता हूं?

उत्तर: हाँ, अधिकांश छतें सोलर पैनल स्थापित करने के लिए उपयुक्त होती हैं, बशर्ते वे छायादार न हों और पर्याप्त जगह हो।

18. मुझे सही सोलर पैनल का चयन कैसे करना चाहिए?

उत्तर: सोलर पैनल का चयन करते समय अपनी बिजली की खपत, छत का आकार, बजट और स्थानीय जलवायु को ध्यान में रखें।

19. नेट मीटरिंग क्या है?

उत्तर: नेट मीटरिंग आपको अतिरिक्त सोलर ऊर्जा को ग्रिड में भेजने की अनुमति देती है, जिससे आपके बिजली के बिल में कटौती हो सकती है।

20. क्या सोलर ऊर्जा पावर कट्स के दौरान भी काम करती है?

उत्तर: सोलर ऊर्जा पावर कट्स के दौरान काम नहीं करती है, जब तक कि आपके पास बैटरी बैकअप सिस्टम न हो।

21. क्या सोलर पैनल से मेरे घर का मूल्य बढ़ सकता है?

उत्तर: हाँ, सोलर पैनल वाला घर आमतौर पर ज्यादा कीमत पर बिकता है क्योंकि यह ऊर्जा-कुशल माना जाता है।

22. क्या यह सच है कि सोलर पैनल लगाना बहुत महंगा है?

उत्तर: नहीं, जबकि प्रारंभिक लागत ज्यादा होती है, सोलर पैनल बिजली के बिलों में बचत करके लंबी अवधि में पैसे की बचत करते हैं।

23. क्या सोलर पैनल को सीधे सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है?

उत्तर: सोलर पैनल सूरज की सीधी रोशनी में सबसे अच्छे होते हैं, लेकिन वे बादल या ओवरकास्ट दिनों में भी काम कर सकते हैं।

24. मोनोक्रिस्टलीन और पॉलीक्रिस्टलीन सोलर पैनल में क्या अंतर है?

उत्तर: मोनोक्रिस्टलीन पैनल एक ही सिलिकॉन क्रिस्टल से बने होते हैं और अधिक कुशल होते हैं, लेकिन महंगे होते हैं। पॉलीक्रिस्टलीन पैनल कई सिलिकॉन क्रिस्टल से बने होते हैं और सस्ते होते हैं, लेकिन उनकी क्षमता थोड़ी कम होती है।

25. क्या सोलर पैनल भारत के सभी क्षेत्रों में स्थापित किए जा सकते हैं?

उत्तर: हाँ, सोलर पैनल भारत के किसी भी क्षेत्र में लगाए जा सकते हैं, हालांकि वे उन क्षेत्रों में ज्यादा प्रभावी होते हैं जहां अधिक सूर्य प्रकाश मिलता है।

26. क्या सोलर पैनल को समय के बाद बदलना पड़ता है?

उत्तर: नहीं, सोलर पैनल 25-30 साल तक चलते हैं, लेकिन उनकी क्षमता धीरे-धीरे घट सकती है।

27. क्या बिहार में सोलर पैनल लगाना लाभकारी है?

उत्तर: हाँ, बिहार में सोलर ऊर्जा का अच्छा पोटेंशियल है और सरकार की सब्सिडी और योजनाओं के साथ सोलर पैनल लगाना एक किफायती विकल्प है।

28. क्या सोलर पैनल बारिश या बर्फबारी जैसे मौसम में काम कर सकते हैं?

उत्तर: हाँ, सोलर पैनल विभिन्न मौसम की स्थितियों को सहन करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं, लेकिन उनकी क्षमता चरम स्थितियों में कम हो सकती है।

29. क्या मैं अपने सोलर पैनल द्वारा उत्पन्न अतिरिक्त बिजली बेच सकता हूँ?

उत्तर: हाँ, नेट मीटरिंग या अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर आप पैसे कमा सकते हैं या अपने बिजली के खर्च को कम कर सकते हैं।

30. क्या यह सच है कि सोलर पैनल को लगातार साफ करना पड़ता है?

उत्तर: नहीं, सोलर पैनल को नियमित रूप से साफ करने की आवश्यकता नहीं होती है। एक साल में एक या दो बार सफाई पर्याप्त होती है, जब तक कि आपके क्षेत्र में धूल की समस्या न हो।

हाँ/नहीं प्रश्न:

  • क्या सोलर पैनल बिना सीधे सूर्य के प्रकाश के काम कर सकते हैं? उत्तर: हाँ, लेकिन उनकी क्षमता कम हो जाती है।
  • क्या सोलर पैनल छत पर लगाए जा सकते हैं? उत्तर: हाँ, सोलर पैनल छत पर स्थापित करना आदर्श हो

    ता है।
  • क्या बिहार में सोलर पैनल स्थापना पर सब्सिडी मिलती है? उत्तर: हाँ, सरकार की योजनाओं के तहत सब्सिडी उपलब्ध है।
  • क्या सोलर पैनल बादल वाले मौसम में काम करते हैं? उत्तर: हाँ, लेकिन उनकी क्षमता कम हो जाती है।
  • क्या सोलर पैनल रात में बिजली उत्पन्न करते हैं? उत्तर: नहीं, जब तक कि बैटरी स्टोरेज सिस्टम न हो।
  • क्या सोलर पैनल की रख-रखाव महंगी होती है? उत्तर: नहीं, सोलर पैनल की रख-रखाव की लागत बहुत कम होती है।
  • क्या सोलर पैनल 20 साल से ज्यादा समय तक चलते हैं? उत्तर: हाँ, सोलर पैनल आमतौर पर 25-30 साल तक चलते हैं।
  • क्या सोलर पैनल को लगातार साफ करने की जरूरत होती है? उत्तर: नहीं, एक या दो बार सफाई साल में पर्याप्त होती है।
  • क्या मैं सोलर पावर के बिना बैकअप सिस्टम के इस्तेमाल कर सकता हूँ? उत्तर: हाँ, लेकिन आपको रात के समय या पावर कट के दौरान ग्रिड पर निर्भर रहना पड़ेगा।
  • क्या पीएम सूर्या घर योजना शहरी क्षेत्रों में भी उपलब्ध है? उत्तर: हाँ, पीएम सूर्या घर योजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपलब्ध है।

Friday, July 22, 2022

General Knowledge: शिक्षा मनोविज्ञान और बाल विकास महत्वपूर्ण प्रश्न. Thish Question is very important Questions set by Shyam

मनोविज्ञान स्पेशल 1500 प्रश्नोत्तर संग्रह

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. आधुनिक मनोविज्ञान के जनक माने जाते है?

(A) स्किनर
(B) विलियम जेम्स
(C) वुडवर्थ
(D) वाटसन

Ans: (B) विलियम जेम्स

02. ईगो लिबिडो का अर्थ है?

(A) आत्म प्रेम
(B) वस्तु लिबिडो
(C) ईगो मनोग्रंथि
(D) ईगो सीनटोनिक

Ans: (A) आत्म प्रेम

03. ई.एच. इरिकसन के अनुसार मनोलैंगिक विकास की कितनी अवस्थाएँ है?

(A) 8
(B) 6
(C) 7
(D) 9

Ans: (A) 8

04. शिक्षण विधियों तथा शिक्षण नीतियों में अन्तर होता है?

(A) प्रारूप का
(B) सिद्धान्तों का
(C) उद्देश्यों का
(D) पाठ्यवस्तु का

Ans: (C) उद्देश्यों का

05. सुपर ईगो का विकास किस मनोलैंगिक अवस्था में सबसे अधिक होता है?

(A) गुदा अवस्था
(B) अव्यक्त अवस्था
(C) जननेन्द्रिय अवस्था
(C) यौन प्रधान अवस्था

Ans: (B) अव्यक्त अवस्था

06. किस मनोवैज्ञानिक ने कहा की चेतन मन के साथ अचेतन मन पर भी ध्यान देना चाहिए?

(A) जे.बी. वाटसन ने
(B) वुडवर्थ ने
(C) टाईडमैन ने
(D) फ्रायड ने

Ans: (D) फ्रायड ने

07. फ्रायड के अनुसार असामान्य व्यवहार का मौलिक कारण है ?

(A) प्रतिगमन
(B) आंशिक दमन
(C) पूर्ण दमन
(C) कोई नहीं

Ans: (B) आंशिक दमन

08. बाल केन्द्रित शिक्षा की अवधारण मनोविज्ञान के किस सम्प्रदाय ने दी?

(A) गेसटोल्टवाद ने
(B) संरचनावाद ने
(C) मनोविश्लेषणवाद ने
(D) व्यवहारवाद ने

Ans: (C) मनोविश्लेषणवाद ने

09. ‘‘मनोविज्ञान आचरण एवं व्यवहार’ का यथार्थ विज्ञान है। कथन है?

(A) स्किनर
(B) वुडवर्थ
(C) मैक्डूगल
(C) वाट्सन

Ans: (C) मैक्डूगल

10. शिक्षा के संकुचित अर्थ में शिक्षा प्रदान की जाती है?

(A) निश्चित स्थान पर
(B) प्रत्येक समय व स्थान पर
(C) जीेवनपर्यन्त
(D) उपरोक्त सभी

Ans: (A) निश्चित स्थान पर

11. ‘मनोविज्ञान व्यवहार व अनुभव का विज्ञान है।’’ कथन है-

(A) स्किनर
(B) वुडवर्थ
(C) मैक्डूगल
(C) वाट्सन

Ans: (A) स्किनर

12. बालकों की रूचि, शारीरिक-मानसिक योग्यता तथा विभिन्नताओं का ध्यान किस प्रकार के शिक्षण में रखा जाता है?

(A) बहुकक्षीय शिक्षण में
(B) मनोविज्ञान शिक्षण में
(C) सामूहिक शिक्षण में
(D) उपरोक्त सभी में

Ans: (D) उपरोक्त सभी में

13. वर्तमान में शिक्षा मनोविज्ञान किस अवस्था में है-

(A) शैशवावस्था
(B) बाल्यावस्था
(C) किशोरावस्था
(D) वृद्धावस्था

Ans: (A) शैशवावस्था

14. निम्नलिखित में से लम्बात्मक विधि का अध्ययन किसने किया था?

(A) कार्ल सी. गैरिसन ने
(B) जान ड्यूवी ने
(C) जान लाक ने
(D) कोई नही

Ans: (A) कार्ल सी. गैरिसन ने

15. आधुनिक काल में एक परिवर्तन हुआ है। ‘‘मनोवैज्ञानिकों ने धीरे-धीरे अपने मनोविज्ञान को दर्शनशास्त्र से पृथक कर लिया है।’’ कथन है?

(A) रायबर्न का
(B) ड्यूवी का
(C) इमविल का
(D)गैरिट का

Ans: (A) रायबर्न का

16. निम्नलिखित में से मनोविज्ञान को मन का विज्ञान किसने कहा था?

(A) जान ड्यूवी ने
(B) डगलस ने
(C) पेस्टोलाजी
(D) स्किनर ने

Ans: (C) पेस्टोलाजी

17. ‘प्ले वे’ पुस्तक के रचयिता है-

(A) फ्रायड
(B) वाटसन
(C) मन
(C) हेनरी काल्डवैल कुक

Ans: (C) हेनरी काल्डवैल कुक

18. निम्नलिखित में से शिक्षा का केन्द्र बिन्दु है?

(A) शिक्षक
(B) विद्यालय
(C) बालक
(D) उपरोक्त सभी

Ans: (C) बालक

19. किस विधि में प्रयोग के दौरान व्यक्ति का मस्तिष्क दो भागों में विभाजित हो जाता है जिसमें एक भाग निरीक्षण करता है तथा दूसरे का निरीक्षण किया जाता है?

(A) अन्त: दर्शन
(B) जीवन इतिहास
(C) प्रयोगात्मक
(D) चरित्र लेखन

Ans: (A) अन्त: दर्शन

20. स्किनर किस देश के वैज्ञानिक थे?

(A) जापान के
(B) अमेरिका के
(C) इंग्लैण्ड के
(D) इटली के

Ans: (B) अमेरिका के

21. व्यवहार के निरीक्षण द्वारा किसी के मानसिक दशा का पता लगाना किस विधि की विशेषता है?

(A) प्रयोगात्मक
(2) निरीक्षण
(C) गाथा वर्णन
(D) चरित्र लेखन

Ans: (2) निरीक्षण

22. मनोविज्ञान के सम्बन्ध में क्रो एण्ड क्रो की परिभाषा है

(A) ‘‘ मुझे बच्चा दो और बताओं कि उसे क्या बनाऊ, इंजीनियर, डाक्टर या अन्य।‘‘
(B) ‘‘ किसी व्यक्ति के जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक के अधिगम अनुभवों का वर्णन तथा धारणा ही मनो विज्ञान है।‘‘
(C) ‘‘ मनोविज्ञान आचरण तथा व्यवहार का यथार्थ विज्ञान है।‘‘
(D) ‘‘मनोविज्ञान शिक्षा का आधारभूत विज्ञान है।‘‘

Ans: (B) ‘‘ किसी व्यक्ति के जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक के अधिगम अनुभवों का वर्णन तथा धारणा ही मनो विज्ञान है।‘‘

23. मनोविज्ञान को आत्मा का विज्ञान किसने कहा?

(A) अरस्तू
(B) वाटसन
(C) रूसो
(D) वुण्ट

Ans: (A) अरस्तू

24. मनोविज्ञान के सम्बन्ध में स्किनर की परिभाषा है?

(A) ‘‘ मुझे बच्चा दो और बताओं कि उसे क्या बनाऊ, इंजीनियर, डाक्टर या अन्य।‘‘
(B) ‘‘ किसी व्यक्ति के जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक के अधिगम अनुभवों का वर्णन तथा धारणा ही मनो विज्ञान है।‘‘
(C) ‘‘ मनोविज्ञान आचरण तथा व्यवहार का यथार्थ विज्ञान है।‘‘
(D) ‘‘मनोविज्ञान शिक्षा का आधारभूत विज्ञान है।‘‘

Ans: (D) ‘‘मनोविज्ञान शिक्षा का आधारभूत विज्ञान है।‘‘

25. शक्ति मनोविज्ञान का प्रतिपादन किसने किया?

(A) वाल्फ
(B) टाइडमैन
(C) वुण्ट
(D) टिचनर

Ans: (A) वाल्फ

26. निम्नलिखित में से किसने सबसे पहले प्रश्नावली का निर्माण किया?

(A) प्लेटों ने
(B) लोविट ने
(C) वुडवर्थ ने
(D) ब्रूनर ने

Ans: (C) वुडवर्थ ने

27. क्रो और क्रो ने किस विधि के संदर्भ में कहा है ‘‘मनोवैज्ञानिक प्रयोगांे का उद्देश्य किसी निश्चित परिस्थिति या दशाओं में मानव-व्यवहार से सम्बन्धित किसी विश्वास या विचार का परीक्षण करना है?’’

(A) अन्तर्दर्शन
(B) बहिर्दर्शन
(C) प्रयोगात्मक
(C) जीवन इतिहास

Ans: (A) अन्तर्दर्शन

28. खेलों के माध्यम से बालक में कौनसा गुण विकसित होता है?

(A) सामाजिकता का
(B) नैतिकता का
(C) व्यवसायिकता का
(D) भौतिकता का

Ans: (A) सामाजिकता का

29. मनोविज्ञान को सर्वप्रथम विज्ञान का दर्जा दिलाने वाली विधि है-

(A) अन्तर्दर्शन
(B) बहिर्दर्शन
(C) प्रयोगात्मक
(C) जीवन इतिहास

Ans: (C) प्रयोगात्मक

30. निम्नलिखित में से ‘‘संज्ञानवादी पद्धति‘‘ के जनक है?

(A) वाटसन
(B) जिन प्याजे व ब्रूनर
(C) कोहलर व कोफ्का
(D) कोई नही

Ans: (B) जिन प्याजे व ब्रूनर

31. बहिर्दर्शन विधि का प्रतिपादन किया-

(A) जे.बी. वाटसन
(B) वुण्ट
(C) स्टाउट
(D) स्किनर

Ans: (A) जे.बी. वाटसन

32. साईकिल चलाने वाला स्कूटर चलाना सीख लेता है, यह है-
(1)शून्य स्थानान्तरण
(B) लम्बवत स्थानान्तरण
(C) ऋणात्मक स्थानान्तरण
(D) धनात्मक स्थानान्तरण

Ans: ) स्टाउट
(C) मैक्डूगल
(D) स्किनर

Ans: (A) वुण्ट
34. किशोरावस्था बड़े सघर्ष, तनव व तुफान की अवस्था है। यह किसने कहा?
(A) थार्नडाइक
(B) स्किनर
(C) फ्रायड
(D) स्टेनले हाल

Ans: (D) स्टेनले हाल
35. ‘‘अपनी आत्मा में देखना ही अन्त: दर्शन है’’ उक्त कथन है-
(A) टीचनर
(B) स्टाउट
(C) मैक्डूगल
(D) स्किनर

Ans: (A) टीचनर
36. टी.ए.टी व्यक्तित्व परीक्षण की कौन सी विधि का प्रकार है?
(A) व्यक्तिनिष्ठ विधि
(B) अप्रक्षेपी विधि
(C) अर्धप्रक्षेपी विधि
(D) प्रक्षेपी विधि

Ans: (D) प्रक्षेपी विधि
37. शिक्षा मनोविज्ञान अध्ययन कत्र्ता है?
(A) आत्मा का धार्मिक परिस्थितियों में
(B) मानव व्यवहार का शैक्षिक परिस्थितियों में
(C) चेतना का असीमित परिस्थितियों में
(D) मस्तिष्क का बौद्धिक परिस्थितियों में

Ans: (B) मानव व्यवहार का शैक्षिक परिस्थितियों में
38. राष्ट्रीय मानसिक विकलांग संस्थान स्थित है?
(A) फैजाबाद
(B) हैदराबाद
(C) लखनऊ
(D) कानपुर

Ans: (B) हैदराबाद
शिक्षा मनोविज्ञान
39. भारत में प्रथम मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला की स्थापना हुई-
(A) 1915
(B) 1916
(C) 1917
(C) 1918

Ans: (B) 1916

40. टालमेन का ‘चिहन अधिगम का सिद्धान्त‘‘ अन्य किस नाम से जाना जाता है?

(A) चिहन गेस्टाल्ट सिद्धान्त
(B) चिहन सार्थकता सिद्धान्त या प्रत्याशा सिद्धान्त
(C) सप्रयोजन व्यवाहारवाद
(D) उपरोक्त सभी

Ans: (D) उपरोक्त सभी

Tuesday, April 5, 2022

PM Kisan: घर बैठे ऑनलाइन eKYC नहीं करा सकेंगे लाभार्थी किसान, सस्पेंड हो गई सर्विस

 

PM Kisan: घर बैठे ऑनलाइन eKYC नहीं करा सकेंगे लाभार्थी किसान, सस्पेंड हो गई सर्विस


KYC PM Kisan Live- आ गई अंतिम तारीख जल्दी करें अपनी केवाईसी तभी मिलेगी ₹2000 की किस्त 2022

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(PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत अनिवार्य eKYC पूरी करने की डेडलाइन आगे बढ़ चुकी है। अब पात्र किसानों के पास ऐसा करने के लिए 31 मई 2022 तक मौका रहेगा। लेकिन अब किसानों के लिए PM Kisan पोर्टल पर e-KYC विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसका अर्थ है कि ओटीपी के जरिए आधार बेस्ड eKYC प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती है। इसे अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है। अब लाभार्थी किसानों के पास केवल
PM Kisan पोर्टल पर एक मैसेज फ्लैश हो रहा है, जिसमें कहा गया है, 'पीएम किसान रजिस्टर्ड किसानों के लिए eKYC अनिवार्य है। बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए कृपया निकटतम CSC सेंटरों पर संपर्क करें। ओटीपी ऑथेंटिकेशन के जरिए आधार बेस्ड eKYC को अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है। पीएम किसान के सभी लाभार्थियों के लिए eKYC की डेडलाइन 31 मई 2022 तक एक्सटेंड कर दी गई है।' eKYC ऑफलाइन कंप्लीट करने के लिए लाभार्थी किसान को आधार कार्ड के साथ कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी जाना होगा। वहां बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए eKYC करानी होगी।
Heera Computer CSC center


 

आने वाली है 11वीं किस्त
पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को एक वित्त वर्ष के दौरान दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में 6000 रुपये दिए जाते हैं। योजना की शुरुआत से अब तक 10 किस्तें किसानों को दी जा चुकी हैं और 11वीं किस्त आने वाली है। देश में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब 12.53 करोड़ किसान रजिस्टर्ड हैं।

मदद के लिए ये हेल्पलाइन नंबर हैं मौजूद
PM किसान योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी को प्राप्त करने या समस्या होने पर शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी उपलब्ध कराई गई हैं। पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155261 है। इसके अलावा पीएम किसान टोल फ्री नंबर 18001155266 और पीएम किसान लैंडलाइन नंबर 011-23381092, 011-24300606 भी है। पीएम किसान की एक और हेल्पलाइन 0120-6025109 और ई-मेल आईडी pmkisan-ict@gov.in है।

Tuesday, March 1, 2022

टाइप करने का तरीका जानें

 

टाइप करने का तरीका जानें

टच टाइपिंग इस विचार के बारे में है कि कीबोर्ड पर प्रत्येक उंगली का अपना क्षेत्र होता है। इस तथ्य के लिए धन्यवाद कि आप चाबियों को देखे बिना टाइप कर सकते हैं। नियमित रूप से अभ्यास करें और आपकी उंगलियां मसल मेमोरी के माध्यम से कीबोर्ड पर अपना स्थान जान लेंगी।

  

टाइपिंग के लिए बैठने की मुद्रा 

1 पहले टेबल पर सीधा बैठ जाएं और याद रहे कि आपका पिक सीधा होना चाहिए नंबर दो अपने क्यों नी कोसम कौन पर मोड़ कर रखें नंबर 3 अपने सिर को थोड़ा आगे की ओर झुकाकर स्क्रीन का सामना करें नंबर फोर अपनी आंखों और स्क्रीन के बीच कम से कम 45 से 70 सेंटीमीटर की दूरी रखी नंबर 5 कंधे हाथ और कलाई की मांसपेशियों को कम से कम संभव तनाव में उजागर करें कलाई कीबोर्ड के सामने टेबल को छू सकती है कभी भी अपने शरीर के वजन को कलाएं पर टिका कर उन्हें ना बदले



अब जानते हैं कीबोर्ड पर अपनी उंगलियां कैसे रखना है हमें अपनी अंगुलियों को थोड़ा मोर्य और उन्हें ए एफ जी एच आई जे के एल कर रखें कुंजी हो जो अक्सर कुंडलियों की मदद से पंक्तियों मे इस पंक्तियोंं को

Monday, April 26, 2021

powerpoint shortcut keys

FunctionShort-cut Key
BoldCtrl-B
CloseCtrl-W
CloseCtrl-F4
CopyCtrl-C
CutCtrl-X
FindCtrl-F
ItalicsCtrl-I
Menu barF10
Move to the end of the entryEnd
New (slide)Ctrl-N
Next windowCtrl-F6
OpenCtrl-O
Outline:  CollapseAlt-Shift –
Outline:  Demote paragraphAlt-Shift-Right
Outline:  ExpandAlt-Shift +
Outline:  Move paragraph downAlt-Shift-Dn
Outline:  Move paragraph upAlt-Shift-Up
Outline:  Promote paragraphAlt-Shift-Left
Outline:  Show All HeadingsAlt-Shift-A
Outline:  Show heading level 1Alt-Shift-1
PasteCtrl-V
PrintCtrl-P
Repeat FindShift-F4
Repeat/RedoCtrl-Y
ReplaceCtrl-H
SaveCtrl-S
Select allCtrl-A
Slide Show:  Begin the slide showF5
Slide Show:  Black screen show/hideB
Slide Show:  EndEsc
Slide Show:  Erase annotationsE
Slide Show:  Go to next hidden slideH
Slide Show:  Hide pointer and button alwaysCtrl-L
Slide Show:  Hide pointer and button temporarilyCtrl-H
Slide Show:  Mouse pointer to arrowCtrl-A
Slide Show:  Mouse pointer to penCtrl-P
Slide Show:  Next slideN
Slide Show:  Previous slideP
Slide Show:  Set new timings while rehearsingT
Slide Show:  Stop/restart automatic slide showS
Slide Show:  Use mouse-click to advance (rehearsing)M
Slide Show:  Use original timings (rehearsing)O
Slide Show:  White screen show/hideW
Spelling and Grammar checkF7
Switch to the next presentation windowCtrl-F6
Switch to the next tab in a dialog boxCtrl-Tab / Ctrl-Page Down
Switch to the previous presentation windowCtrl-Shift-F6
Switch to the previous tab in a dialog boxCtrl-Shift-Tab / Ctrl-Page Up
Turn character formatting on or offNum /
UnderlineCtrl-U
UndoCtrl-Z

 

MS word shortcut keys in hindi free

यहा पर आप माइक्रोसॉफ्ट वर्ड से जुड़े विभिन्न शोर्ट-की (ms word shortcut keys in hindiके बारे में जानेगे. 

  • Ctrl + A — सारे कंटेंट को सेलेक्ट करने के लिए
  • Ctrl + B — सिलेक्टेड को बोल्ड करने के लिए
  • Ctrl + C — सिलेक्टेड टेक्स्ट को कॉपी करने के लिए
  • Ctrl + X — सिलेक्टेड टेक्स्ट को कट करने के लिए
  • Ctrl + N — नया खाली पेज खोलने के लिए
  • Ctrl + O — ओपन आप्शन खोलने के लिए
  • Ctrl + P — प्रिंट विंडो खोलने के लिए
  • Ctrl + F — फाइंड बॉक्स खोलने के लिए
  • Ctrl + I — सिलेक्टेड टेक्स्ट को इटालिक करने के लिए
  • Ctrl + K — लिंक डालने के लिए
  • Ctrl + U — सिलेक्टेड टेक्स्ट में अंडरलाइन करने के लिए
  • Ctrl + V — पेस्ट करने के लिए
  • Ctrl + Y — रेडु या अंतिम क्रिया को दोहराने के लिए
  • Ctrl + Z — अन्डू या अंतिम क्रिया को हटाने के लिए
  • Ctrl + G — खोज कर बदलने के लिए
  • Ctrl + H — खोज कर बदलने के लिए
  • Ctrl + L — सिलेक्टेड टेक्स्ट या लाइन को बाए ओर रखने के लिए
  • Ctrl + Q — सिलेक्टेड पैराग्राफ को बाए ओर रखने के लिए
  • Ctrl + E — सिलेक्टेड टेक्स्ट या लाइन को बिच में रखने के लिए
  • Ctrl + R — सिलेक्टेड टेक्स्ट या लाइन को दाए ओर रखने के लिए
  • Ctrl + D — फॉन्ट विंडो खोलने के लिए
  • Ctrl + Shift + F — फॉन्ट बदलने के लिए
  • Ctrl + Shift + > — फॉन्ट को 1 साइज़ बढ़ाने के लिए
  • Ctrl + ] — फॉन्ट को 1 साइज़ बढ़ाने के लिए
  • Ctrl + [ — फॉन्ट को 1 साइज़ घटाने के लिए
  • Ctrl + Shift + * — गैर मुद्रण शब्द को दिखने और मिटाने के लिए
  • Ctrl + (Left arrow) — शब्द को बाए ओर खिसकाने के लिए
  • Ctrl + (Right arrow) — शब्द को दाए ओर खिसकाने के लिए
  • Ctrl + (Up arrow) — कर्सर को लाइन या पैराग्राफ के शुरुआत में ले जाने के लिए
  • Ctrl + (Down arrow) — कर्सर को पैराग्राफ के अंतिम में ले जाने के लिए
  • Ctrl + Del — कर्सर के दाए शब्द को मिटाने के लिए
  • Ctrl + Backspace — कर्सर के बाए शब्द को मिटाने के लिए
  • Ctrl + End — कर्सर को दस्तावेज के अंत में ले जाने के लिए
  • Ctrl + Home — कर्सर को दस्तावेज के शुरुआत में ले जाने के लिए
  • Ctrl + Space — हाई लाइटेड वस्तु को अपने वास्तविक फॉन्ट में लाने के लिए
  • Ctrl + 1 — (मात्र एक स्पेस लाइन रखने के लिए
  • Ctrl + 2 — दो स्पेस लाइन रखने के लिए
  • Ctrl + 1.5 — 1.5 स्पेस लाइन रखने के लिए
  • Ctrl + Alt + 1 — टेक्स्ट को हैडिंग 1 में बदलने के लिए
  • Ctrl + Alt + 2 — टेक्स्ट को हैडिंग 2 में बदलने के लिए
  • Ctrl + Alt + 3 — टेक्स्ट को हैडिंग 3 में बदलने के लिए
  • F1 — मदद के लिए विंडो खोलने के लिए
  • Shift + Insert — पेस्ट करने के लिए
  • F4 — अंतिम प्रक्रिया को दोहराने के लिए
  • F7 — सेलेक्ट वस्तु या दस्तावेज में स्पेल जाँच करने के लिए
  • F12 — सेव एज करने के लिए
  • Ctrl + S — सुरक्षित करने के लिए
  • Shift + F12 — सुरक्षित करने के लिए
  • Alt + Shift + D — वतर्मान दिनाक डालने के लिए
  • Alt + Shift + T — वर्तमान समय डालने के लिए
  • Ctrl + W — वर्तमान दस्तावेज बंद करने के लिए

Saturday, February 6, 2021

कम्प्यूटर कीबोर्ड क्या है और इसका उपयोग करने की हिंदी में जानकारी

 

कम्प्यूटर कीबोर्ड क्या है और इसका उपयोग करने की हिंदी में जानकारी




1.सवाल – कीबोर्ड का आविष्कार किसने किया अथवा बनाया?

जवाब – एक अमेरिकी न्यूजपेपर पब्लिशर माननीय Christopher Latham Sholes ने QWERTY Keyboard का आविष्कार किया था. दुनिया का पहला टाइपराइटर बनाने में भी इनकी मुख्य भूमिका थी.  

सवाल – कीबोर्ड कितने प्रकार के होते हैं?

जवाब – मोटेतौर पर कम्प्यूटर कीबोर्ड दो प्रकार का होते है. एक QWERTY Keyboard और दूसरा Non-QWERTY Keyboard. इनके बारे में ज्यादा जानकारी हम पहले ही ऊपर बता चुके है.


Keyboard
 एक इनपुट डिवाइस  है. Keyboard का हिंदी में मतलब कुंजीपटल होता है. इसकी सहायता से हम कम्प्यूटर को निर्देश देते है. Keyboard का  मुख्य उपयोग Text लिखने के लिए किया जाता है. and 
2 .
Keyboard एक प्रकार का इनपुट डिवाइस है. जिसे हिंदी में हम कुंजीपटल भी कहते हैं. Keyboard में प्रयोग होने वाले बटन की सहायता से हम कंप्यूटर को निर्देश भेजते हैं. Keyboard का मुख्य रूप से उपयोग टेक्स्ट लिखने के लिए करते हैं
3.

कीबोर्ड का परिचय हिंदी में

Keyboard कंप्यूटर का एक इनपुट डिवाइस होता है जिसमे कई प्रकार बटन होते हैं. जिससे हम कंप्यूटर में डाटा को डालते हैं और इसे निर्देश देते हैं. इसमें बटन दिखने में बिलकुल टाइपराइटर की तरह ही होते हैं लेकिन फंक्शन बहुत ज्यादा होते हैं.






कीबोर्ड के सभी बटनों की जानकारीऔर उनका उपयोग – All Keyboard Keys Name and Uses in Hindi


आइए, जानते है एक Keyboard में कुल कितने बटन (कुंजी) होते है? सभी बटनों का नाम, प्रकार तथा इनका क्या उपयोग है?

कीबोर्ड में मौजूद प्रत्येक कुंजी का अपना विशेष कार्य होता है. और इसी कार्य के आधार पर इनको निम्न छह श्रेणीयों में बाँटा गया है. जिनका वर्णन इस प्रकार है.

  1. Function Keys
  2. Typing Keys
  3. Control Keys
  4. Navigation Keys
  5. Indicator Lights
  6. Numeric Keypad 

1. Function Keys

Function Keys Keyboard में सबसे ऊपर होती है. इन्हें Keyboard में F1 से F12 तक लिखा जाता है. Function Keys का उपयोग किसी विशेष कार्य को करने के लिए किया जाता है. इनका हर प्रोग्राम में अलग कार्य होता है.

अधिक जाने: सभी Function Keys (F1 – F12) की पूरी जानकारी

2. Typing Keys 

सबसे अधिक उपयोग इन्ही keys का होता है. Typing keys में दोनो तरह की keys (alphabet और numbers) शामिल होती है, इन्हे सामुहिक रूप में Alphanumeric keys कहा जाता है. Typing keys में सभी तरह के symbols तथा punctuation marks भी शामिल होते है.

जब आप कम्प्यूटर टाइपिंग सीखते है तो भी इन्ही कुजियों का प्रशिक्षण ही करवाया जाता है. इसलिए, इन कुंजियों की जानकारी अच्छी तरह कर लेनी चाहिए.

टाइपिंग कुंजियों के बारे में हमने और अधिक जानकारी नीचे दी हुई है. इसलिए, इसे जरूर देंखे.

3. Control Keys

इन keys को अकेले या अन्य keys के साथ कोई निश्चित कार्य करने में इस्तेमाल किया जाता है. एक सामान्य Keyboard में अधिकतर Ctrl key, Alt key, Window key, Esc key का उपयोग Control keys के रूप में किया जाता है. इनके अलावा Menu key, Scroll key, Pause Break key, PrtScr key आदि keys भी control keys में शामिल होती है.


4. Navigation Keys


Navigation keys में Arrow keys, Home, End, Insert, Page Up, Delete, Page Down आदि keys होती है. इनका use किसी document, webpage आदि में इधर-उधर जाने में होता है.


5. Indicator Lights


Keyboard में तीन तरह की Indicator light (संकेतक) होती है. Num Lock, Scroll Lock और Caps Lock.
जब Keyboard में पहली light जली होती है तो इसका अर्थ है कि Numeric Keypad चालु है, और यदि ये बंद हो तो इसका अर्थ है कि Numeric Keypad बंद है.
दूसरी, light हमें letters के Uppercase और Lowercase के बारे में संकेत करती है. जब, ये बंद होती है तो letter lowercase में होते है, और जब ये चालु होती है तो letter uppercase में होते है.
तीसरी, जिसे Scroll Lock के नाम से जाना जाता है. यह हमें scrolling के बारे में संकेत करती है.


6. Numeric Keypad

इन्हे हम Calculator keys भी कह सकते है, क्योंकि एक Numeric keypad में लगभग (कुछ अतिरिक्त) एक calculator के समान ही keys होती है. इनका इस्तेमाल numbers लिखने में किया जाता है.

कुछ मुख्य Typing Keys और उनका उपयोग

1. Tab Key

Tab का use एक साथ कई अक्षरों का space देने के लिए किया जाता है. इसके अलावा भी इसके कई उपयोग है. Tab का use कुछ Keyboard Shortcuts में भी किया जाता है. टैब बटन कम्प्यूटर में केवले एक ही होता है. जो बाएं तरफ स्थित होता है.

2. Caps Lock Key

इस बटन का उपयोग सभी letters को uppercase (बड़ा) में लिखने के लिए किया जाता है. जब, Caps Lock ऑन रहता है तो सभी letters uppercase में लिखे जाएगें और ऑफ रहने पर lowercase में लिखे जाते है.

  • Uppercase Letters – A, B, C, D…
  • Lowercase Letters – a, b, c, d…

3. Shift Keys

Shift Keys का उपयोग letters को uppercase में लिखने के लिए किया जाता है. इसके अलावा किसी बटन के ऊपर वाले हिस्से को type करने के लिए भी Shift Keys का इस्तेमाल किया जाता है.

शिफ्ट बटन कम्प्यूटर में दो होते हैं. एक बायां शिफ्ट बटन और दूसरा दायां शिफ्ट बटन. जब, बड़ा अक्षर बाएं हाथ से टाइप करना है तब दायां शिफ्ट बटन दबाते है और दाएं हाथ से बड़ा अक्षर टाइप करने के लिए बायां शिफ्ट दबाते हैं.

4. Spacebar
Spacebar Keyboard में सबसे बड़ी key होती है. इसका उपयोग Cursor को एक space आगे खिसकाने के लिए किया जाता है.





5. Enter Key

Enter Key एक महत्वपूर्ण key है. इसका use अगली line शुरू करने के लिए किया जाता है. जब Enter को दबाया जाता है तो Cursor अगली line के शुरूआत में चला जाता है. Enter Key ‘OK’ button का कार्य भी करती है.

6. Backspace

Backspace का use Cursor के आगे के तथा select किए हुए text को delete करने के लिए किया जाता है. इसके साथ ही अलग-अलग सॉफ्टवेयर में इसका कार्य बदल जाता है.

कुछ मुख्य Control Keys और उनका उपयोग

1. Esc Key

Esc Key का use वर्तमान में चालु किसी task को cancel करने के लिए किया जाता है. Esc Key पूरा नाम Escape Key है.


2. Ctrl Key 

Ctrl Key का पूरा नाम Control Key है. इसका use Keyboard Shortcuts में किया जाता है.



3. Alt Key

Alt Key का पूरा नाम Alter Key है, इसका use भी Keyboard Shortcuts में किया जाता है.



4. Windows Logo Key

इस Key का use Start Menu  को Open करने के लिए किया जाता है.



5. Menu Key

Menu Key माउस के Right Click के समान ही कार्य करती है. यह किसी चुने हुए प्रोग्राम से संबंधित विकल्पों को open करती है.



6. PrtScr Key

कम्प्युटर स्क्रीन की Image लेने के लिए इस Key का use किया जाता है. इस बटन का प्रैक्टिकल जानने के लिए आप हमारे इस ट्युटोरियल को देखिए.


Navigation Keys का उपयोग

1. Arrow Keys

Arrow Keys चार होती है- Up Arrow, Down Arrow, Left Arrow तथा Right Arrow. इनका use cursor और Webpage को Arrows कि दिशा में सरकाने के लिए किया जाता है.




2. Home Key 

Home Key का use cursor को किसी दस्तावेज के शुरूआत मे लाने के लिए किया जाता है. इसकी सहायता से एक Webpage और Document के एक दम शुरूआत में आ सकते है.


3. End Key

End Key का use cursor को किसी दस्तावेज के आखिर मे लाने के लिए किया जाता है. इसकी सहायता से एक Webpage और Document के एक दम नीचे जा सकते है.

4. Insert Key

Insert Key का use Insert mode को On तथा Off करने के लिए किया जाता है.

5. Delete Key

Delete Key का use Cursor के बाद के text, select किए हुए text तथा files एवं folder को delete करने के लिए किया जाता है.

6. Page Up Key

Page Up Key का use Cursor एवं किसी page को कुछ ऊपर सरकाने के लिए किया जाता है.

7. Page Down Key

Page Down Key का use Cursor एवं किसी page को कुछ नीचे सरकाने के लिए किया जाता है.

Numeric Keypad का उपयोग

Numeric Keypad Keyboard के दांये तरफ होता है. इसमें 0 से 9 तक संख्याए होती है. साथ ही गणीतिय चिन्ह- addition, subtraction, division, multiplication तथा decimal चिन्ह भी होते हैNumeric Keypad का use संख्याए लिखने के लिए किया जाता है. ये संख्याएं Keyboard में दूसरी जगह भी होती है, लेकिन Numeric Keypad से इन्हे जल्दी से लिखा जा सकता है. इसके अलावा Numeric Keypad का use Navigation Keys की तरह भी कर सकते है. Numeric Keypad को इस्तेमाल करने के लिए Num Lock को On रहना चाहिए.


कीबोर्ड को कम्प्यूटर से कैसे कनेक्ट करते है – How to Connect Keyboard to Computer in Hindi?

स्टेप #1 बिजली कनेक्शन बंद कर दें

सबसे पहले कम्प्यूटर में जाने वाली बिजली का स्विच बंद कर दें. बिजली चालु होने पर इस काम को करने की सलाह हम नही देंगे. अगर, आप नहीं कर सकते तो घर के किसी जानकार व्यक्ति से इस काम को करवाएं.

इसे नजरअंदाज ना करें आपकी जिंदगी का सवाल है.

स्टेप #2 कीबोर्ड कनेक्टर चैक करें

इसके बाद कीबोर्ड कनेक्टर का प्रकार चैक करें. यह कनेक्टर एक तार होता है. जिसका एक सिरा कीबोर्ड से जुड़ा हुआ रहता है और दूसरा सिरा बाहर निकला रहता है.

आपको बाहर वाले सिरे का आख्रिरी छोर देखना है.

अगर, कीबोर्ड का छोर गोल है तो वह PS2 Port है और चौकोर आयताकार है तब USB Port Connector है. सहायता के लिए नीचे ग्राफिक देंखिए आपको समझ आ जाएगा


USB Connector वाला कीबोर्ड केबिनेट के USB Port में कनेक्ट होता है और PS2 Port वाला कीबोर्ड PS2 Port से कनेक्ट होगा.

स्टेप #3 केबिनेट में उपयुक्त कनेक्टर ढूंढ़े

इसके बाद कम्प्यूटर केबिनेट में उपयुक्ट कनेक्टर ढूँढ़ना है. इसे खोजने के लिए केबिनेट का पिछला हिस्सा अपनी तरफ कीजिए. और पोर्ट का पता लगा लिजिए.